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📌 भूमि अभिलेख

दाखिल ख़ारिज क्या है? पूरी जानकारी – प्रक्रिया, दस्तावेज़, फीस और ऑनलाइन आवेदन

📅 26 फरवरी 2026 ✍️ मनीष कुमार ⏱️ 10 मिनट पढ़ना
दाखिल ख़ारिज: जमीन के कानूनी मालिकाना हक की प्रक्रिया

अगर आपने जमीन खरीदी है या विरासत में प्राप्त की है, तो सिर्फ रजिस्ट्री करवाना ही काफी नहीं होता। जमीन को कानूनी रूप से अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए दाखिल ख़ारिज (Mutation) कराना बहुत जरूरी होता है। बहुत से लोग जमीन खरीदने के बाद दाखिल ख़ारिज नहीं करवाते — और बाद में उन्हें कानूनी समस्या, सरकारी लाभ में रुकावट या जमीन विवाद का सामना करना पड़ता है।

📌 इस लेख में आप जानेंगे

  • दाखिल ख़ारिज क्या होता है
  • यह क्यों जरूरी है
  • कब कराना चाहिए
  • आवश्यक दस्तावेज़
  • प्रक्रिया (ऑनलाइन + ऑफलाइन)
  • फीस और समय सीमा

दाखिल ख़ारिज क्या होता है?

दाखिल ख़ारिज एक सरकारी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से खरीदी गई या विरासत में मिली जमीन का मालिकाना हक राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट किया जाता है।

👉 सरल शब्दों में: रजिस्ट्री से जमीन आपकी हो जाती है, लेकिन दाखिल ख़ारिज से सरकार के रिकॉर्ड में आप मालिक बनते हैं।

इस प्रक्रिया के बाद जमीन आपके नाम से खतियान / जमाबंदी में दर्ज हो जाती है, आप उस जमीन के आधिकारिक मालिक माने जाते हैं और आप उस पर लगान (Tax) दे सकते हैं।

दाखिल ख़ारिज क्यों जरूरी है?

दाखिल ख़ारिज करवाना कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है:

  • सरकारी रिकॉर्ड में मालिकाना हक: जब तक दाखिल ख़ारिज नहीं होता, जमीन पुराने मालिक के नाम पर रहती है।
  • जमीन विवाद से बचाव: भविष्य में कोई कानूनी विवाद होने पर दाखिल ख़ारिज सबसे बड़ा प्रमाण होता है।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ: किसान या जमीन मालिक से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जमीन आपके नाम होनी चाहिए।
  • जमीन बेचने में आसानी: आगे चलकर जमीन बेचने में परेशानी नहीं होती।

दाखिल ख़ारिज कब कराना चाहिए?

आपको निम्न स्थितियों में Mutation जरूर कराना चाहिए:

  • जमीन खरीदने के बाद
  • विरासत में जमीन मिलने पर
  • वसीयत के आधार पर जमीन मिलने पर
  • कोर्ट के आदेश से जमीन मिलने पर
  • उपहार (Gift Deed) के रूप में जमीन मिलने पर

दाखिल ख़ारिज के लिए जरूरी दस्तावेज़

आवेदन करते समय आमतौर पर ये दस्तावेज़ लगते हैं:

  • रजिस्ट्री की कॉपी
  • जमीन का रसीद / लगान रसीद
  • पहचान पत्र (Aadhaar / Voter ID)
  • खरीददार का फोटो
  • विक्रेता का विवरण
  • शपथ पत्र (Affidavit)
  • वंशावली (विरासत केस में)

दाखिल ख़ारिज की प्रक्रिया

🟢 ऑफलाइन प्रक्रिया

  1. अपने क्षेत्र के अंचल कार्यालय (Circle Office) जाएं
  2. दाखिल ख़ारिज आवेदन फॉर्म लें
  3. दस्तावेज़ संलग्न करें
  4. राजस्व कर्मचारी द्वारा जांच होती है
  5. रिपोर्ट के बाद आदेश जारी होता है
  6. जमीन आपके नाम पर दर्ज हो जाती है

🔵 ऑनलाइन प्रक्रिया (यदि राज्य में उपलब्ध हो)

अब कई राज्यों में दाखिल ख़ारिज ऑनलाइन भी किया जा सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया:

  1. राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाएं
  2. Mutation आवेदन विकल्प चुनें
  3. रजिस्ट्री विवरण भरें
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें
  5. आवेदन सबमिट करें
  6. आवेदन संख्या से स्टेटस ट्रैक करें

दाखिल ख़ारिज में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 15 से 45 दिन का समय लग सकता है। यह निर्भर करता है: जांच प्रक्रिया पर, जमीन विवाद है या नहीं, दस्तावेज़ सही हैं या नहीं।

दाखिल ख़ारिज की फीस

फीस राज्य अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यतः ₹50 – ₹500 तक होती है। ऑनलाइन आवेदन में कभी-कभी अतिरिक्त सेवा शुल्क लग सकता है।

दाखिल ख़ारिज नहीं कराने पर क्या होगा?

अगर आप Mutation नहीं कराते तो:

  • ❌ जमीन सरकारी रिकॉर्ड में आपके नाम नहीं होगी
  • ❌ लगान नहीं भर पाएंगे
  • ❌ भविष्य में जमीन बेचने में दिक्कत
  • ❌ कानूनी विवाद की संभावना
  • ❌ सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा

दाखिल ख़ारिज की स्थिति कैसे चेक करें?

आप ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन संख्या से या अंचल कार्यालय जाकर अपनी Mutation Status देख सकते हैं।

निष्कर्ष

दाखिल ख़ारिज जमीन का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। रजिस्ट्री के बाद इसे जल्द से जल्द कराना चाहिए ताकि मालिकाना हक सुरक्षित रहे, भविष्य में विवाद न हो और सरकारी लाभ मिलता रहे। अगर आपने हाल ही में जमीन खरीदी है — तो दाखिल ख़ारिज जरूर कराएं।